सब कुछ बीत जाता है..ये वर्ष भी आज बीत जाएगा..
इसी तरह बुरा समय ही चला जायेगा..दुख भी बीत जाएगा..लेकिन हमने दुख को साथ लेकर चलने की,ढोने की आदत सी डाल ली है। जबकि दुख ढोने का अर्थ सिर्फ स्वयं को कमजोर करना है। बुरे समय से सीखिए, प्रेरणा लीजिये और आगे बढिए..यही सही है!