आंखो में लगाकर काजल,
संभाल कर अपना आंचल,
हम चले लेकर मिलने उनसे,
कई कश्मकश अपने दिल में
वो भी दिसम्बर था ,
ये भी दिसम्बर हैं...
मिलने से एक दिन पहले,
हो गए खफा वो हमसे,
" वो ना आएगे मिलने हमे",
बोल गए एक ही सांस में,
जनाब सुनो ,
वो भी दिसम्बर था,
ये भी दिसम्बर हैं...
हमने भी कह दिया उनसे,
राहों पे नज़र टिकी रहेगी उसके,
पूरा एक घंटा मेरा इंतजार कर,
वो गया सिर्फ मुझे मिलकर,
वो भी दिसम्बर था,
ये भी दिसम्बर हैं...
अब तो हो गई हैं उनसे बेहद मोहब्बतें,
उन्हे कैसे समझाए ये की " उनकी लगी हैं आदतें"
प्यार का रंग चडा इतना गहरा,
हो गया कोई अजनबी अपना,
शरू हुई कहानी जब,
वो भी दिसम्बर था,
आज ये भी दिसम्बर हैं...
#December ...