आप के लिए आप हैं,
आपके अपनो के लिए भी आप हैं,
आपके दुख में भी आप हैं,
उनके सुख में भी आप हैं,
माना की आज जो भी आप हैं ,
वह अपने आप हैं,
फिर क्यूं घबरा गए ,
जीवन के इस उतार चढ़ाव में,
क्यूं मायूस हो गए ,
समय के प्रभाव में,
क्यूं ना सोचा की यह अपने आप में पाप है।।