सुबह से पानी का बोतल भी घर छोड़ आई,
भूल से कहीं पानी पिया ना जाए।
चुप रहकर बहुत कुछ दिल से के अहेसास करवाती रहती है,
इश्क़ में मेरे हिस्से की उम्र बढ़ने पर खुदा से इल्तिज़ा करती है।
दोपहर का भोजन ना खाने के लिए थोड़ी सी बीमारी का नाम दे दी,
और ना जाने मेरे इश्क़ को हरबार एक और रिश्ते के धागे से जोड़ती है।
रात को सितम में रोशन चांद के साथ अपने पिया का प्यारा चहेरा ढूंढती है,
पानी पी कर दायरे से चले आ रहे करवाचौथ के व्रत से अपनी जान के लिए खुशियां माँगती है।
करवाचौथ की हार्दिक बधाई...💐💐🎂🎂
💞 DEAR ZINDAGI 💞