तुमसे कूच बात बतानी है
जो मन था दिल मे है वो बात करनी है।
एक दिन तुमसे बात हुई,
तुमसे कूच खास मुलाकात हुई।
फिर क्या हुवा कुछ समाज नाई आया,
तुहरी मजे आदत सी लग गई ये अहेसास आया।
यर अहेसास कुछ खास है,
हर पल तुम्हारा ही ख्याल है।
बात करने से पहले में अक्शर यही सोचता था,
कल तुमसे ये बात कर पाऊंगा, या फिर हर रोज की तर तुम्हें सुनता ही रह जाऊँगा।
वैसे तो तुम्हें सुन ना बडा अच्छा लगता है,
पर ये बात बताना भी जरूरी सा लगता है।
तुमसे कूच बात बतानी है
जो मन था दिल मे है वो बात करनी है।