कल रात्रि स्वप्न में मेरे ही अंतर मन ने मुझसे एक प्रश्न किया की,
"यदि सामने विनाश हो और कोई विकल्प न बचा हो, तो क्या करोगे?"
और मैंने उसे वही उत्तर दिया जो उसी अंतर मन ने बहुत वर्ष पूर्व मुझे समझाया था की,
"जब जब जो जो होता है, तब तब सो सो होता है।"
-Kirtipalsinh Gohil