कदर , फीलिंग की बाते कहती रहती है,
क्या इसी लिए आज साथ हूं तुम्हारे में,
में चांद को देख ता रह कर बाते करता तेरे बारे में,
और चांद मुझे कहता सितारों को भूल जाने में,
तू बस चल रही कहानियों से जूझ ता रहा कर इस जमाने में,
और लिखा कर अपनी कहानियों के दस्तूर हर शक्श को इश्क़ को समझाने में।
ऐ-हुस्न-की-राजकुमारी