आज तुलना की भौतिक वजह है ।
निज मन की व्यथा की यह जगह है ।।
वर्षों तक जिनके रहा था साथ वह।
आज कहता घूमता तू बेवजह है ।।
साक्षात्कृत होने से निषेध है यदि ।
दूर रहकर साथ होने में मजा है ।।
मेरे -तेरे साथ चलता जा रहा जो ।
कभी बोला यह मेरी चिर जगह है ।।
शान्त हो, अपशिष्ट का कर शमन ।
विश्व में सबकी एक निश्चित जगह है ।।