इंतजार
सज सवर के झुकी यह आंखें ,
दिल में भीतर क्यों ना झांके ।
आएगा आने वाला है एक दिन,
दुनिया की सारी तोड़ सलाखें ।
आजा वास्ता तुझे दूं ।
सारी खुशियां वार दूं ।
मेरी पुकार सुन के तु आजा आनेवाले,
तेरे बिना ये प्राण युं ही न जानेवाले,
आजा वास्ता तुझे दूं ।
सारी खुशियां वार दूं ।
इंतजार का पल ये मुझे लगता बैरन,
मन करता तुं उडके यहाँ आजा फौरन,
आजा वास्ता तुझे दूं ।
सारी खुशियां वार दूं ।
ऋत सारी बित गई बनके समय की धारा,
मेरी ये डूबती नाँव का एक तुही है सहारा,
आजा वास्ता तुझे दूं ।
सारी खुशियां वार दूं।
शामें-सुबह कई गई यह दामन छोड़के,
बिनती करू रब से यह खाली हाथ जोड़ के,
आजा वास्ता तुझे दूं ।
सारी खुशियां वार दूं।
-डॉ. सरिता (मानस)