भोले तेरी बगिया मे माली क़म और फूल बहुत है
इस जिंदगानी मे खुशियां क़म औऱ ग़म बहुत है
हाथ दीन दुखियों का कभी छोड़ना मत ए मालिक
बाकी सब छलावे छोड़ एक तेरा ही सहारा बहुत है
सच्चा एक नही है पर दिखाबे को रिश्ते बहुत है
समुद्रों के पानी मे मछलियां क़म मछुआरे बहुत है़
- RJ krish
#भोळे