ये क्या जादू है तुझमे
जो हम खुदको भुला बैठे है
अज़ब सी कशिश है इस रिश्ते में
हम हर दम तुजको ही ढूंढा करते है
ये तेरी चाहत है या कोई चालाकी
अब हमें अपने भी पराये से लगते है
जो चिंगारिया हमारे दिल मे जगी है
वो तुझमे भी जगाके रहेंगे
यूँ तो न थे हम कभी
तुम्हे से मिलके ही ये चालाकियां सीखें है
ऐसे कैसे जाने दे तुम्हे मुंह मोड़के
हर चालाकीयों का जवाब मांगेंगे
#चालाकी