#यीशु
नहीं अलग यीशु की वाणी राम से
सोचें,समझें यदि सभी आराम से
मानवता का पाठ पढ़ाया
सत्य ,अहिंसा भी समझाया
मानव में मानव का होना
सुंदर सबके मन का कोना
समझ सकें यदि इस वाणी को ध्यान से
अहं भाव को झटकें हम सब
और स्वार्थ को पटकें हम सब
माना, इस दुनिया में रहना
बहुत कठिन है सब कुछ सहना
कुछ तो कोशिश करनी होगी
मन की झोली भरनी होगी
तब ही तो बन पाएंगे इंसान से---
डॉ.प्रणव भारती