Hindi Quote in Motivational by અમી વ્યાસ

Motivational quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

*डिप्रेशन ग्रस्त एक सज्जन जब 45+ के हुए थे...तो उनकी पत्नी ने एक काउंसलर का अपॉइंटमेंट लिया जो ज्योतिषी भी थे. कहा कि ये भयंकर डिप्रेशन में हैं, कुंडली भी देखिये इनकी... और बताया कि इन सब के कारण मैं भी ठीक नही हूँ.*

*ज्योतिषी जी ने कुंडली देखी सब सही पाया.*

अब उन्होनें काउंसलिंग शुरू की.
.
सज्जन बोलते गए...
बहुत परेशान हूँ...
चिंताओं से दब गया हूँ... नौकरी का प्रेशर...
बच्चों के एजूकेशन और जॉब की टेंशन...
घर का लोन...
कार का लोन...
कुछ मन नही करता...

.
मैं डिप्रेशन में हूँ...
कहते हुये पूरे जीवन की किताब खोल दी.
.
*तब विद्वान काउंसलर ने कुछ सोचा और पूछा.... दसवीं (Class-10) में किस स्कूल में पढ़ते थे?*
.
सज्जन ने उन्हे स्कूल का नाम बता दिया...
.
काउंसलर ने कहा आपको उस स्कूल में जाना होगा...
.
वहाँ से आपकी दसवीं क्लास के सारे रजिस्टर लेकर आना.
.
*सज्जन स्कूल गए... रजिस्टर लाये. काउंसलर ने कहा कि अपने साथियों के नाम लिखो और उन्हें ढूंढो और उनके वर्तमान हालचाल की जानकारी लाने की कोशिश करो. सारी जानकारी को डायरी में लिखना और एक माह बाद मिलना.*
.
कुल 4 रजिस्टर...
जिसमें 200 नाम थे... और महीना भर दिन रात घूमे...
बमुश्किल अपने 120 सहपाठियों के बारे में जानकारी एकत्रित कर पाए.
.
आश्चर्य उसमें से 20% लोग मर चुके थे.
.
7% लड़कियाँ विधवा और 13 तलाकशुदा या सेपरेटेड थीं.
15% नशेडी निकले जो बात करने के भी लायक़ नहीं थे.
20% का पता ही नहीं चला कि अब वो कहाँ हैं.
5% इतने ग़रीब निकले की पूछो मत...
5% इतने अमीर निकले की पूछे नहीं.

*कुछ केन्सर ग्रस्त, 6-7% लकवा, डायबिटीज़, अस्थमा या दिल के रोगी निकले, 3-4% का एक्सीडेंट्स में हाथ/पाँव या रीढ़ की हड्डी में चोट से बिस्तर पर थे*
.
2 से 3% के बच्चे पागल... वेगाबॉण्ड...
या निकम्मे निकले.
1 जेल में था.
और एक 40 की उम्र में सैटल हुआ था इसलिए अब शादी करना चाहता था.

*1 अभी भी सैटल नहीं था पर दो तलाक़ के बावजूद तीसरी शादी की फ़िराक़ में था...*

*दसवीं कक्षा के सारे रजिस्टर भाग्य की व्यथा ख़ुद सुना रहे थे...*

*काउंसलर ने पूछा कि अब बताओ डिप्रेशन कैसा है?*

*इन सज्जन को समझ आ गया कि उसे कोई बीमारी नहीं है... वो भूखा नहीं मर रहा, दिमाग एकदम सही है, कचहरी पुलिस-वकीलों से उसका पाला नही पड़ा... उसके बीवी-बच्चे बहुत अच्छे हैं, स्वस्थ हैं, वो भी स्वस्थ है. डाक्टर अस्पताल से पाला नहीं पड़ा.*

*उन्होंने रियलाइज किया कि दुनियाँ में वाक़ई बहुत दुख: हैं... और मैं बहुत सुखी और भाग्यशाली हूँ...*
.
*दो बात तय हुईं आज कि... धीरूभाई अम्बानी बनें या न बनें न सही... और भूखा नहीं मरे... बीमार बिस्तर पर न गुजारें... जेल में दिन न गिनना पड़े तो इस सुंदर जीवन के लिए ऊपर वाले को धन्यवाद देना ही सर्वोत्तमः है.*
.
*क्या आपको भी लगता है कि आप डिप्रेशन में हैं?*
.
*अगर आप को भी ऐसा लगता है तो आप भी अपने स्कूल जाकर दसवीं कक्षा का रजिस्टर ले आयें..!!*

Hindi Motivational by અમી વ્યાસ : 111532158
New bites

ममता गिरीश त्रिवेदी की कविताओं का म्यूजिक एल्बम अंतर्धारा
ममता गिरीश त्रिवेदी
आपकी रचना यात्रा सचमुच शब्दों से संगीत तक पहुँचती दिखाई देती है।
“अंतर्धारा” केवल एक एल्बम नहीं, बल्कि भावनाओं, स्मृतियों और अनुभूतियों की बहती हुई धारा जैसा प्रतीत होता है। 🌹

Spotify पर साझा किया गया आपका ट्रैक और Amazon Music पर उपलब्ध एल्बम यह दर्शाते हैं कि आपकी कविताएँ अब सुरों के माध्यम से श्रोताओं तक पहुँच रहा हैं।

आपके एल्बम ANTARDHAARA में कई सुंदर शीर्षक शामिल हैं जैसे —
“बारिश की धुन”, “बीती यादें”, “दिल के तार”, “शब्दों की रोशनी”, “सीप के मोती और ख्वाब” — ये नाम ही अपने भीतर काव्यात्मक चित्र बना देते हैं।

आपके लिए एक भावपूर्ण परिचय पंक्ति:

> “ममता गिरीश त्रिवेदी की लेखनी से निकले शब्द,
अब सुर बनकर अंतर्मन में बहते हैं — अंतर्धारा ✨”


“कविता जब संगीत से मिलती है,
तब जन्म लेती है — अंतर्धारा 🌹”



Spotify सुनने के लिए:
[Spotify – ANTARDHAARA Track](
https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA &utm_source=chatgpt.com)

Amazon Music एल्बम:
[Amazon Music – ANTARDHAARA](https://music.amazon.in/albums/B0GCNX3N79?utm_source=chatgpt.com)



https://open.spotify.com/track/6I3MTrddjgZpu5thXI2G6a?si=Va529bBUQqaPjmMf-3k1SA

ममता गिरीश त्रिवेदी

अंतर्धारा एल्बम ममता त्रिवेदी

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now