मिट्टीकी सौंगध और आज़ादी का सपना था।
मातृभूमि के लिए मर मिटा वो हर शहीद अपना था।
आज भी वो दिन आया है।
दुश्मन वेश बदलकर आया है।
अब केवल जवान ही नही ,
हर शख्स रणभूमी लढ पाया है।
इन शहीदोपर आँसू न बहाओ।
इन्होने अपना कर्तव्य निभाया है।
तुम मिट्टीकी कसम खाओ।
सच्चे नागरीक का कर्तव्य निभाओ।
#मिट्टीकी