माथे पर बिखरी लापरवाह सी लट,
होठों पर फैली बेपरवाह सी हंसी,
मुड़ी-तुड़ी टी शर्ट, कटी फ़टी जींस,
कानों में लगी या गले में लटकी लीड,
मोबाइल पर तेजी से फिसलती उंगलियां,
भले ही आज का युवा रहता है यूं,
पर वो संजीदा भी है, समझदार भी,
अपने सपनों के लिए बेहद जुनूनी,
नहीं करता विश्वास औपचारिकताओं में,
पर नहीं रहता पीछे मदद करने में,
दे देता है सीट किसी वृद्ध को,
जीना जानता है जिंदगी को बिंदास।
#लापरवाह