क्या लिखूं....
वो हसीन राते या फिर वो तेरी बातें,
वो बरसाते या भीगे मौसम में की हुई मुलाकातें।
क्या लिखूं..
वो तेरा रूठना या फिर मेरे गले लगाते ही मान जाना,
वो मेरा दर्द जिसे बिना जताए तेरा जान जाना।
क्या लिखूं...
वो मीठी मीठी तकरार या तकरार मे इकरार।
वो पहेली बार किया हुआ इजहार या फिर जिंदगी भर का प्यार।
में,तुम और मेरे लफ्ज़।
भावेश एस रावल...