जब बात नहीं होती
जब बात नहीं होती तुमसे
तो खुद से बातें होती हैं
कुछ अच्छी और बुरी यादें जेहन में रहती हैं।
कुछ गिले शिकवे खुद से
और शिकायतें होती हैं।
अब अपनी तन्हाई और
तुम्हारी बेरुखी भी उतनी तकलीफ नहीं देतीं ।
सीख लिया है हुनर हमने
खामोशी से जीने का
कुछ ग़म खाने का और
कुछ गम के घूँट पीने का ।
अब कोई बात नहीं होती
तो भी कोई बात नहीं होती।