एक वहीं था
जो मेरे न बोलने पर भी सब कुछ समजता था,
जो एक पुकार से दौड़ा चला आता था,
हर वक़्त साथ दिया चाहे दुःख हो या सुख,
किसी भी घड़ी में साथ निभाता था,
जब भी लड़खड़ाया में,
मुझे हर वक़्त फिर से उठाता था,
जब वो था तब सही हुआ करता था,
एक वही था, जो मेरा सब कुछ हुआ करता था।