मेरी श्रद्धांजलि उन शहीदों को,
जो बलिदान हो गए देश की रक्षा में,
शत-शत नमन उनके परिजनों को
जिन्होंने अर्पित कर दिया जन्मभूमि पर
अपने पुत्र-पौत्र-भाई-पिता,
मेरे अश्रु उन पत्नियों के लिए
जिन्होंने न्यौछावर कर दिए
अपने सारे सपने, खुशियां,
अपनी जिंदगी के हर रंग
मातृभूमि पर सिंदूर के संग।