आखिरी में यही कहना शेष रह जाता है कि एक दिन मृत्यू तो सबको है आनी ; लेकिन सबका मौत का तरीका, समय, स्थान, हालात अलग अलग होंगे । यह हम में से कोई नही जानता, न कभी जान पाएंगे और इसे जानने की कोशिश भी नही करनी चाहिए । हमारा काम है जीना और मृत्यू देने का काम ईश्वर का ....!!!