बहोत ही अजीब इतेफाक था वो......
वो हमें छोड़ना चाहते थे,
और हम उन्हें ख़ुद से जोड़ना।।
वो हमसे दूर जाना चाहते
थे,
और हम उनको ख़ुद के क़रीब लाना।।
वो दुरियों का बहाना ढूंढते रहे,
और हम नजदीकियों का मौका।।
फिर वक़्त ने बदली कुछ ऐसी करवट....
उसने हमसे बात करके हम पर अहसान कर दीया,
और हमने उनसे दूर जाकर अहसान का बदला दे दिया।।।