#क्रूरता
गलती को स्वीकार करना इतना आसान होते हुए भी,
इतना मुश्किल भरा क्यों हो जाता हैं ।
जो न चाहते हुए भी,
अहम का सवाल बना जाता हैं ।
जो क्रूर से क्रूरता बना जाता हैं,
सब कुछ शून्य मात्र बना जाता हैं...
सब कुछ शून्य कर जाता हैं,
केवल शून्य रहा जाता हैं।
By
Trishala