*क्रोध हवा का वह झोंका है...*
*जो बुद्धि के दीपक को*
*बुझा देता है*
*रिश्ते चाहे कितने भी बुरे हों...*
*उन्हें तोड़ना मत क्योंकि*
*पानी चाहे कितना ही गंदा हो...*
*अगर प्यास नहीं बुझा सकता*
*पर आग तो बुझा सकता है
आप लोगो का न्यू फ्रेंड टीचर अभी शुक्ला 🙏🙏