#शांत
सुनो मीता!
कितनी शिकायतें करूँ तुमसे
तुम ये नहीं करते ,तुम वो नहीं करते ,
कभी चुप रहते ,कभी हो जाते वाचाल,
कभी देते उत्तर ,कभी बन जाते सवाल ,
कितनी बार तुम पर गुस्सा भी किया
............और तुमने सुन भी लिया,
तुम्हारी लुका छिपी अब नहीं भाती
तुम्हारी ढिठाई अब नहीं सुहाती ,
जी चाहता है जी भर लडूं तुमसे ..
...पर जब क्लांत मन होता है शांत
तो निकलती सिर्फ दुआएं तुम्हारे लिये !!
-डॉ जया आनंद