Hindi Quote in Poem by Sangita

Poem quotes are very popular on BitesApp with millions of authors writing small inspirational quotes in Hindi daily and inspiring the readers, you can start writing today and fulfill your life of becoming the quotes writer or poem writer.

लोग कहते हैं मैं खोयी खोयी रहती हुँ
वोह कया जाने मैं शब्दो मैं घिरी रहती हुँ |
कौन उन्हें समझाये मुश्किल है कितना जज्वात को
आकार देना, सोच की समंदर मैं डूब की लगाना,
जैसे के आग का दरिया पार कर के जाना ||
कया पता उनको कया कया मैं सहती हुँ
कलम की एक एक बात मानती रहती हुँ |||
मैं तो कीचड़ मैं भी कमल देख ने की नज़र रखती हुँ
रेत के सेहरा को समंदर कर ने की हुनर रखती हुँ |||
कया रखा है भीड़ मैं, सोर मैं
कुछ अच्छा सोच ने के लिए मैं
आपने आपको तन्हा रखती हुँ
सृजन मैं ही बसी है जान मेरी
अपने आप को ज़िंदा रख ने के लिए
कुछ ना कुछ लिखती रहती हुँ.

Hindi Poem by Sangita : 111461022
New bites

The best sellers write on Matrubharti, do you?

Start Writing Now