आज फिर बादल उमड़ आए हैं
लगता है बारिश होगी
शायद नहीं होगी।
आज फिर मन किया
कुछ समोसे तले जाए
कुछ पकोड़े पकाए जाए
अभी अभी तो लौटी हूं घर पर
कुछ थकान भी लग रही है
सोच रही हूं, बैठी हूं
तभी बाहर से अंदर आकर
मेरा बेटा कहता है
बाहर देखो कितने सारे बादल
में हस पड़ती हूं
वो भी हसने लगता है
हम दोनों खिड़की खोल बाहर देखते है
मम्मा आज बारिश होगी?
मुझे क्या पता शायद हो भी, ना भी हो।
आज समोसे खाए जाए, आलू मटर वाले
हैरानी से में उसकी तरफ देखती हूं
अभी अभी तो में यही सोच रही थी
पर ये थकान...
एक काम करे?
दोनों मिलकर आज खाना पकाए?
वो राजी हो मान गया
उबले आलू छीले उसने
मैंने मसाला तैयार किया
उसने कुछ पूरी बेली
मैंने समोसे भरे।
अब क्या करे
अभी बारिश तो हुई नहीं
समोसे खाए सभी ने बड़े स्वादिष्ट थे।
- नियती कापड़िया