#सजावटी
सजावटी थे पहले सिर्फ चीज ही,
अब सजावटी हैं इन्सान यहाँ ।
कभी होंठो पे झूठी सी मुस्कान सजाते,
कभी झूठी सी आँसू गिराते ,
कभी झूठी सी परवाह का एहसास जताते,
तो कभी झूठी सी दोस्ती जताते,
अब तो सब झूठा वाला प्यार भी हैं ,
सजते थें पहले झूठ से सिर्फ ख्वाब ही
अब सजता है झूठ से हर इन्सान यहाँ ।।
सजावटी थे पहले सिर्फ चीज ही,
अब सजावटी हैं इन्सान यहाँ ।
-----अमित RAJ------