आज कल के लोग जरूरतमंद लोगों को
दान का दिखावा कर रहे हैं अपना प्रचार कर रहे हों जैसे|
दानी तो रहीम थे दान भी देते थे और अपनी नज़रें झुका
लेते थे |गोस्वामी तुलसी दास ने जब रहीम से पूछा तुम ये
कैसा दान कर रहे हो, दान भी दे रहे हो और तुम्हे
लज्या भी आ रही है? तो इसके उत्तर मैं रहीम
बोले देने वाला कोई और है, लेने वाला कोई और
लोग भरम मुझपर करे तासो नीचे नैन || दान ऐसे हो
जिसमें लेने वाले को झिझक ना हो और देने वाले को
अहं ना हो.