मेरी ही धड़कन आजकल मुजसे बगावत सी करने लगी हे, चाहत मे, मेरी नजर आजकल मुजसे ही शरारत सी करने लगी हे,
ये दिल भी आजकल थोडा शरारती सा होने लगा हे, ये कम्बख्त, उनके इशारों पे सांसे हलक़ तक लाने लगा हे,
मेहफ़िले भी आजकल हमे राज़ नही आती, क्यूँ की बिन पुछे मेरी ही कलम, सब के सामने उनका ज़िक्र जो करने लगी हे।
#शरारती