सरल और सीधे शब्दों के
कठिन #अर्थ ,
और कभी
कठिन और क्लिष्ट शब्दों के
#अर्थ सरल हो जाते हैं।।
कभी भावों के
#अर्थ होते हैं,
कभी #अर्थ से भाव,
समझना होता है।।
जीवन की पगडंडी पर,
शब्द, #अर्थ , भाव
मिलकर साथ चलते हैं।
आपस में भूमिका,
भी बदल लेते हैं,
कभी शब्द,
#अर्थ हो जाते हैं,
कभी #अर्थ ,
भाव हो जाते हैं,
भाव फिर,
शब्द हो जाते हैं।।
और हम इन तीनों में,
चक्राकार तो कभी,
वर्तुलाकार घूमते रहते हैं
कभी सार्थक,
कभी निरर्थक,
#अर्थ की बात करते हुए।
#અર્થ