सोचो.......
विष ना होता तो अमृत की कदर कौन करता..
धूप ना होती तो छांव की कींमत कैसे पता चलती....
दुख: ही ना होता तो सुखो का क्या मजा आता...
आंसू ही ना होते तो मुसकुराहटो की खुशी को कैसे समज पाते....
मौत का ड़र ना होता जींदगी यूं जीना मुमकिन ना होता...