शेर मेरा नही पर लगता अपना है...
पत्ती पत्ती गुलाब क्या होगी , हर कली सबाब क्या होगी , जीसने देखी हजारो हसी उसकी नीयत खराब क्या होगी।।
और...
पत्ती पत्ती गुलाब हो जाती , हर कली सबाब हो जाती , डाली होती बेसबाब नजरे जो तुने तो हर कली सबाब हो जाती,
शुभ रात्री,
अरे यारो जीने मे मजा, और खाने मे चटपटा न हो तो जींदगीका मजा क्या।।
Raajhemant