अंधेरी रात
गुमसुम सोई
सुनसान मंज़र
रोशनी खोई
सिमटा आकाश
गहन उच्छवास
कारे बदरा
सन्नाटा पसरा
बुझा मन
ढलती अास
गहरा काला
कड़वा प्याला
फ़िर ...
बदरा भागे
तारे तांके
चंदा झांके
उजरा जागे
खुला आकाश
मद्धम प्रकाश
टिमतिम तारे
लागें प्यारे
उजला मन
जागे तन
खुली श्वास
जागी आस
:- भुवन पांडे
#प्रकाश