आज सीखना होगा हमको, बस राणा की तलवारों से। आजादी पाने की खातिर,गुजरा जलते अंगारों से।।
या फिर सीखो वीर शिवा से,जिसकी तेगें झुकी नहीं थीं।
कहरों का दरिया पार किया, उसकी गति तो रुकी नहीं थी।।
हमें सीखना होगा अब तो,आजाद वीर की पिस्टल से।
जिसको मारा था गोरों ने, केवल अपनों के छल-बल से।। आज सीखना होगा हमको, बस भगतसिंह के फंदे से।
ब्रिटिश हुकूमत भी डरती थी, भारत माता के बंदे से।।
और सीखना होगा हमको,बाबा बंदा बैरागी से।
सीखना हमें होगा अब तो, गुरु गोविंद से त्यागी से।।
#सीखना