" जवाब "
शिकायत है तुमसे
शायद शिकायत नहीं
ठेस सी लगी है
जरूरी नहीं कि
तोहफे को तोहफे
से लौटाया जाए
पर कुछ सलाम दुआ
तो किया जाए!
भेजी थी मैने
वो स्याही, कागज
और कुछ अल्फाज़
क्या जवाब की भी
नहीं रखू आस..??
इतना भी गैरजरूरी
क्या समझा
पढा़, मोडा रखा
बीच उस किताब!
बरसो बाद जब खोलेगी
वो पुस्तक...
पीले पन्नों में
लिखे वो
धुंधले अल्फाज़
फिर याद दिलाएंगे
आखें नम कर जाऐंगे
शायद
तब हम न होंगे
आप..
जवाब किसे
पहुंचाऐगें...??
@ Dil ki Kalam se