🌹🌹 झूठा भ्रम 🌹🌹
वजह चाहे कुछ भी हों,
तुम मेरे वजूद बन गए,
मेरे होने का...
तुम ही सबुत बन गए.....
हम तो आरज़ू कर रहे थें,
एक अपने की,
सबसे अज़ीज़ तुम मेरे,
सपने बन गए.....
लाख दुआएं मांगी थी, मैंने,
हर दुआ की तुम मेरी,
मुंह मांगी,
सौगात बन गए.....
कुछ कहना चाहती थी,
तुम से,
मेरी हर अनसुनी बात का,
तुम जवाब बन गए....
आशाओं की उड़ान,
तुम से मिलने, बेकरार है,
कभी पूरी ने होने वाली,
तुम मेरी इच्छा बन गए......
आसमां का चांद हों, तुम,
और ये चांद,
सिर्फ मेरा हैं,
ऐसे झूठें तुम,
मेरे भ्रम बन गए...!!!!!!
📝📝नेहा चौधरी की कलम से✍️✍️