💖💖अनकहा प्यार💖💖
जो पलकों के हैं पार,
ऐसा हैं मेरा अनकहा प्यार💖💖
तसव्वुर में जीती हूँ जिसके,सौ सौ बार,
ऐसा हैं मेरा अनकहा प्यार💖💖💖
भोर की लालिमा बन, जो मुझे सहलाता हैं,
ध्रुव तारा बन ,जो राह दिखाता हैं,
ऐसा हैं मेरा अनकहा प्यार💖💖💖
अबोध बालक सा, हर स्वार्थ के परे,
पल पल जो मेरी रग रग में,लहू बन बहें,
ऐसा हैं मेरा अनकहा प्यार,💖💖💖
जिसमें देखती हूँ मैं,मेरे माँ बाबा का अक्स,
जिसनें दी हैं मुझे, प्यार की सौंधी सी महक,
ऐसा हैं मेरा अनकहा प्यार💖💖💖
शब्दों के पंख से उड़ता हैं, दिल मेरा,
और आने को तेरे पास ही,मचल जाता हैं, मेरे यार,
ऐसा हैं मेरा अनकहा प्यार 💖💖💖
पाऊँ ना पाऊँ तेरा प्यार,
तुझ में ही समाया हैं, मेरा संसार,
ऐसा हैं मेरा अनकहा प्यार💖💖💖
हाँ ऐसा हैं मेरा अनकहा प्यार💖💖😍😍💖
📝📝नेहा चौधरी की कलम से✍️✍️