वो अधूरी सी बात,जो पूरी न हो सकी
वो बात जो होठो तक तो आयी
पर कह न सकी,सोचा तो बहुत
कि कहुँ हाले-ऐ-दिल तुझसे
पर बात दिल से चली,लवों पे रह गयी
दूरियां बहुत आ गयी,तेरे और मेरे बीच
मेरे दिल की बात,तेरे दिल तक न पहुंच सकी
आज कोशिश कर रही हूं,तुम अब समझ लेना
मंजर क्या है,अहसास कर लेना
मेरे प्यार को,अपने अश्कों से भर लेना
कर लेना अहसास ,मेरे दिल की बैचेनी का
रह गयी जो बात अधूरी, उसे खुद ही पूरी कर लेना