☄वाक्य वह ताकत है जो हर रिश्ते नाते को बदलने की हैसियत रखता है, ब्रह्मदत्त
☄बेटा, बेटी, एक छोटी सी मात्रा ने पुल्लिंग को स्त्रीलिंग बना दिया चीन, अथवा..'चीनी'के इसके दो उदाहरण है... यहां.. एक तो देश के व्यक्ति का और दूसरा खाने की वस्तु का.. वाक्य एक है और इसके अर्थ दो हो गए, इसी तरह हर वाक्य के दो अर्थ होते हैं ब्रह्मदत्त
☄वाक्य के एक छोटे से नुक्ते से पूरा शब्द ही बदल जाता है उसका अर्थ भी बदल जाता है
☄तू जिंदगी को जी,
उसे समझने की कोशिश ना कर..! धर्म पैदा न कर अपने गुमान का...
☄चलते वक़्त के साथ तू भी चल, जरूरी नहीं किनारे और सहारे सबको तुरंत मिल जाएं...
वक्त वह बादशाह है जो सब कुछ बदल सकता है...
तू..वक्त को बदलने की कोशिश न कर.!!
☄दिल खोल कर साँस ले, ईश्वर ने तुझे जन्म दिया है इसको परिपूर्ण रूप से जी
अंदर ही अंदर घुटने की कोशिश न कर..!
☄कुछ बाते भगवान् पर छोड़ दे, उनको खुद सुलझाने की कोशिश न करःः!!
☄वक्त की गांठे जब तक खुल सकती हैं उनको खोलने की कोशिश करें.. उन पर कैची चलाने की कोशिश न करें, क्योंकि एक बार रिश्ता कटने के बाद दोबारा नहीं जुड़ता...
☄तू कर तो बहुत कुछ सकता है, पर ईश्वर के कार्य को अपने हाथ में लेने की कोशिश न कर...
जो जैसा है उसको वैसे ही रहने दें
सब कुछ खुद सुलझाने की कोशिश न कर..!!
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🌹 सुप्रभातम 🌹
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शुभ प्रभात की पावन बेला शुभ मंगलवार जय श्री राम जय बजरंगबली हनुमान ब्रह्मदत्त त्यागी हापुड़ का प्रणाम नमन नमस्कार स्वीकार करें