गर लक्ष्य को हमको पाना है, अच्छा करने की ठाना है
कर्तव्य राह पर बढ़ना है, सफलता की सीढ़ी चढ़ना है
अपने रिश्तों को जीना है, अपनी पीड़ा को पीना है
देश की खातिर जीना है, अपमान का घूंट जो पीना है
ज्ञान का दीप जलाना है, उज्ज्वल छवि जो पाना है
प्रेम की गंगा लहराए, नफ़रत की आंधी मिट जाए
वंचित को भी हक मिल जाए, गरीबी की चादर सिल जाए
मेरे देश का वैभव यूं दमके, निशा में कोहिनूर ज्यों चमके
ये ख्वाब हमें बुनना होगा, हर ख़्वाब हकीकत में बदले
कोई कदम नहीं डिगने देंगे, आंधी चाहे तूफान चले
इंतेहां की हद से गुजरने को , हर त्याग हमें करना होगा
लगे मन की लगन, धुन पक्की हो , हमें पागल भी बनना होगा
जिसके मन में कोई स्वार्थ नहीं, जो बीज प्रेम का बोता है
खुशहाल हो देश सदा उसका, देशप्रेम में वो पागल होता है
#पागल