मेने सुना था प्यार के बदले हमेशा प्यार मिलता है पर मुझे तो प्यार के बदले नफ़रत मिल गई..
प्यार जताते जताते हमने अपनी self respect भी खो दी...
प्यार तो बहोत दूर की बात है हमने अपनी इज़्ज़त भी खो दी...
जान से ज्यादा चाहा था तुम्हे पर हमारे प्यार की ना कदर की तुमने ..
शायद मे ही तुम्हारे प्यार के लायक नहीं ये हकीकत समजा दी तुमने ..
मेने तो प्यार के अलावा कुछ चाहा ही नहीं पर तुम्हारे लिए प्यार का मतलब कुछ ओर था..
मेरे पास प्यार के अलावा तुम्हे देने के लिए कुछ था ही नहीं, शायद इसलिए तुम्हे मेरा प्यार लगता जूठा था...
जैसे जैसे दिन गुजरते गए मेरे दिल मे चाहत तुम्हारे लिए बढ़ती गई...
पर साथ साथ तुम्हारे दिल मे मेरे लिए नफ़रत भी बढ़ती गई..
वक्त तो बहोत था तुम्हारे पास शायद मेरे लिए ही नहीं था, पर मे शिकायत तुम्हे कोई कर ना सकी..
शिकायत करती भी कैसे, प्यार तो सिर्फ मेने किया था, मे तुम्हारे दिल मे अपने लिए चाहत जगा ना सकी..
आज तक बड़े गुरुर मे रहती थी ना किसीकी बात सुनती थी बस सबको सुनाया करती थी,
पर पता नहीं क्यूँ तुम्हारी दर्द देनेवाली बाते भी सुन लेती हु मे...
तुमने तो तुम्हारी नज़रो से गिरा ही दिया है मुझे, अब अपनी नज़र मे भी गिर गई हु मे...
दोस्त पूछते है कौन है जिसको तेरी कवितामे भी दर्द नहीं दीखता, उसका दिल नहीं पिगलता, मे हसकर कहती हु उस खुदा के सामने इतना रो रो के शिकायत करती हु फिर भी नहीं पिगलता जब की वो खुदा है...
तो फिर उससे क्या उम्मीद रखु वो तो बस एक इंसान ही है...
बस नहीं चाहिए तुम्हारा प्यार, कुछ भी नहीं चाहिए तुमसे, बस मेरा प्यार नफ़रत मे तब्दील मत होने देना...
मे खुद तो गिर गई हु अपनी नज़रो मे, तुम खुदको भी मेरी नज़रो मे मत गिरने देना...
जितना चाहो आज़मा कर देख लो, दूर रहकर भी देख लो, तुम्हारे लिए मेरे दिल मे प्यार हमेशा रहेगा..
पर एक गुजारिश है तुमसे की तुम्हारे दिल मे मेरी अच्छी यादें बनाये रखना, ओर जब कभी कदर हो मेरे प्यार की, महसूस हो दर्द मेरा तो आना मेरे दिल मे, इस दिल को तेरा इंतज़ार हमेशा रहेगा..