नहीं मांगती सोना-चांदी,
नहीं मांगती मोती,
मैं तो हूँ एक प्रेम दीवानी
सिर्फ चाहिए प्रेम
तुझको तो ओ भी नहीं आता,
मांग के मुझसे देख
प्रेम में ही सनी मिलूंगी
करके मुझसे देख
भीतर-बाहर हर तरफ बस प्रेम बसा है प्रेम
कहाँ ठूँठता अपनी दुनिया
घुमकर के तो देख
हर तरफ बस प्रेम बसा है
नाम है मेरा प्रेम
~सिद्ध