मैं गहरे शब्द का प्रयोग अपनों के लिए करता हूँ जैसे माँ और मेरा संबंध बचपन से गहरा है. गहरा का अर्थ भीतर की गहराईयों से भी है, जहाँ दोनों का संबंध मधुरता में जीवित है. लोग कहते है मेरी शक्ल माँ से मिलती है. इस सत्य को जानने हमेशा माँ के साथ ली फोटो में अपने चेहरे में उन्हें तलाशता हूँ. बिना मुस्कुराहट के उनका चेहरा अधुरा प्रतीत होता है. उन्हें खुलकर मुस्कुराते हुए कभी नही देखा. वे मंद-मंद चेहरे में मुस्कराहट को शामिल करती है. एक बार मैंने उन्हें ऐसा करते देख लिया. जब उन्होंने मुस्कुराना शुरू किया. एक रंग उनके चेहरे में भिखरने लगा जो उन्हें और खूबसूरत बना रहा था. जब उनकी मुस्कराहट धीरे-धीरे बढ़ने लगी थी मुझे मोर का खुबसूरत पंख फैलाना याद आ रहा था. जिस तरह मोर की खूबसूरती पंखो से है वैसे ही माँ के चेहरे का रंग उनके मुस्कुराने में छिपा है. अगर न मुस्कुराएँ तो उनका चेहरा मेकअप के बाद भी फीका दिखने लगेगा. पर उन्हें मेकअप करना पसंद नहीं क्योंकी मैं कहता हूं आप ऐसे अच्छी लगती है. आपके चेहरे में खुद को देखता हूं. मुझे यह जीवन देने आपको ढ़ेर सारा प्यारा. माँ के दिनों में बाटना सही नहीं लगता पर#हैप्पी मदर्स डे.🌸😇