बड़े जतन पुण्य भाग्य से हमे विवाह-बंधन में बांधना था,
दूल्हा राजा बनकर हमको बारात ले दुल्हन घर जाना था ।
लॉक डाउन क्या हुआ शहर में सपने सब चकना- चूर हुये
अब तो लगता है हमे साल भर और विवाह से दूर हो गए ।
विवाह की तैयारी हमने भईया,बड़े अरमानों से कराई थी
मामा,बुआ,फूफा ने भईया कपड़े की जोड़ी सिलवाई थी ।
दूल्हा-दुल्हन अब मोवाइल पर एक दूसरे को समझते है ।
देखो अब कॅरोना भईया अपने शहर से कब घर जाते है ।
एक दूल्हे की व्यथा;-
#दूल्हा