आज मुज़े गुस्ताखी करने दो
जी भर के मुज़े जीने दो ।
छत पे पडे पडे तारे गिनने दो
आज़ाद पंछी की तरह मुज़े उड़ने दो ।
दबाके रखीथी कई अनकही बाते दिलमे
आज खुलके दिलकी बाते कहेने दो ।
बड़ा आदमी बनने का टेंशन छोडके
नन्हे बच्चेकी तरह खेलने दो।
AC वाली महँगी केद से निकल कर
कडी धुपमे पौधोकी तरह खिलने दो।
अब तक हँसताथा लोगो पर
आज कोई रोते को हँसाने दो।
तोडके सब खमोसियोंका ताला
मुज़े खुशिसे गुनगुनाने दो।
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