" चेहरा "
राह आसान नहीं यहां
जो मंजिल पास ले आये ।
बाहे खाली नहीं यहां
जो तेरा बन के रह जाये ।
कभी चाहत मे तडपता है ।
कभी चाहत को तरसता है।।
तुम अपने दिल मे देखो किसीका चेहरा चमकता है।।
कोइ यारो मे गिनता है ।
कोइ लहरो मे बुनता है ।।
कभी तारो से मन्नत की ।
कभी गैरो पे जन्नत दी ।।
तुम अपने दिल मे देखो किसीका चेहरा चमकता है।।
चाहे महेफिल की मौसम हो ।
अकेले तुम को पाउगे ।।
तुम खुशियो के लहरो मे ।
गम के आंसु पियोगे।।
दुआ करो ये दुनिया से ।
ना रह जाये कभी बेगाने।।
तुम अपने दिल मे देखो किसीका चेहरा चमकता है।।
किसी का आनेवाला पल है ।
किसी का जानेवाला कल है ।।
कभी इन्तजार होता है ।
कभी बेख्याल मरता है।।
तुम अपने दिल मे देखो किसीका चेहरा चमकता है।।
माहयावंशी दिव्येश ऐम
05/05/2020
6:30 PM