काव्यांजलि पार्ट १.
मिनी लव स्टोरी !
काव्या : सुनो अो राजकुमारी अपना नाम तो बताती जाओ।
अंजली : अभी तो तुम ने बोला राजकुमारी।😍
काव्या : वैसे कहा से हो आप।
अंजली : क्यू अब क्या अड्रेस देना होगा मुझे तुम्हे।😜
काव्या : नहीं महोतार्मा जी हम तो बस यूंही पूछ रहे थे।
अंजली : ठीक है बाबा, बताती हूं, में बंबई से हूं। और तुम ?
काव्या : जी हम तो वैसे गुजरात से है। पर सालो से रहेना बंबई में है।
अंजली : वैसे ये एक्टींग के भूत के अलावा क्या काम करते हो?
काव्या: जी हमारा फैमिली बिजनेस है।
अंजली : सही है। तो अब तक कवारे क्यू हो 😜
काव्या : कोई मीली नहिना वरना कर लेता।
अंजली : क्यू अब तक कोई नई मीली जनाब। मंजरा आख़िर है क्या।
काव्या: दिल में कोई और शादी किसी अोर से, ऐसा में नहीं कर सकता।जब तक कोई मेरा दिल ना चुरा ले। तब तक......
अंजली : वैसे बूढ़े हो चुके हो तुम😜।
तू ना एक नंबर का नमुना है।
काव्या : क्यू तू क्या परफेक्ट है। 😀🤪
अंजली : जी नहीं ! परफेक्ट तो कुछ भी नहीं होता ना जनाब।
हर किसी के कोई ना कोई इश्यू तो रहेगा आवश्य ही जनाब।
काव्या : अच्छा भाषण देती हो। लिखती भी हो या बस इवेही।
अंजली : जी नहीं में लिखती भी हूं जनाब।