सच है या फ़ेक?
यह दुनिया रंग रंगीली बाबा,
यहाँ सच है कम और फ़ेक ज़्यादा.
कोई बड़ा फ़ेक, कोई छोटा फ़ेक,
कोई नेता फ़ेक, कोई मीडिया फ़ेक,
कोई धर्म प्रचारक फ़ेक, व्यापारी फ़ेक,
यहाँ दूध भी फ़ेक, अनाज भी फ़ेक,
सत्य की वाणी को भी बनाते हैं फ़ेक,
इतिहास को भी लिखते हैं फ़ेक,
यह संसार की मोह माया भी है फ़ेक।
दिलख़ुश पंजवानी