ज्योति का ज्वार बडा दुर्लभ है ,उर्ष्व उजियार बडा दुर्लभ है ।रुप मिल जाये बहुत संभव पर ,रुप का प्यार पाना बडा दुर्लभ है ।हो सके तो सहेज लो आंसू को आंखो मे ,शीत अंगार बडा दुर्लभ है कल्पना उम्र भर सुलभ है लेकीन ,स्वप्न साकार होना बडा दुर्लभ है ।फेंक देते है थपेडे तट पर ,बीच मंझधार मे पहुंचना बडा दुर्लभ है ।झूठ ही झूठ है उपलब्ध यहां जग मे ,सत्य के दशर्न करना दुर्लभ है ।प्राप्त हो जायेगा गुलाब सहजता से ,काम्य कचनार बडा दुर्लभ है ।राग दीपक ही जानते है सब ,मेध मल्हार बडा दुर्लभ है ।
https://www.instagram.com/p/BjOP3spA_TH/?igshid=17psxfz1r3oq1