मेरा जन्म किसके लिए
पुछा भगवानसे- बताये भगवान के लिए' ।
घरमें सबसे बड़ा बेटा, उमर फरक कहाँ होता।
जिम्मेदारी का बोझ बडा, फिर भी कहे फुटा घडा।
अकल के नामपर सीधा निशाना
घरबाहर के लिए एक जमाना
कभी न सोचा खुद के लिए
हे भगवान, ये जन्म किसके लिए।
अर्थ में कहे हाथ बटाये
उधार दे और भुल जाये।
कर्तव्य बिना भुले निभायें
रात हुई कब सुरज निकला
कुछ भी कभी समझ न पाये।
मेरा जन्म किसके लिए
पुछा भगवानसे- बताये भगवान के लिए' ।
#जन्म